Mobile Number Portability: मोबाइल नंबर पोर्ट कराने में लगेंगे सिर्फ 3-4 दिन

मोबाइल नंबर पोर्टिबिलिटी नियम (Mobile Number Portbility Rules) पर टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (Telecom Regulatory Authority of India) ने नियमों को रिवाइज किया है। नया नियम 16 दिसंबर से लागू हो गया है। नए नियम के अनुसार अब सिर्फ 3-4 दिन में अपना मोबाइल नंबर पोर्ट हो जाएगा।

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Mobile Number Portability
Mobile Number Portability
  • 16 दिसंबर से शुरु हुआ नया नियम।
  • सर्विस एरिया के अंदर 3 दिन में पोर्ट होगा मोबाइल नंबर।
  • एक सर्किल से दूसरे सर्किल में पोर्ट के अनुरोध को 5 वर्किंग डे में पूरा करना होगा।
  • कॉर्पोरेट मोबाइल कनेक्शन के लिए पोर्टिंग समयसीमा में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

मोबाइल नंबर पोर्टिबिलिटी नियम (Mobile Number Portability Rules) पर टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (Telecom Regulatory Authority of India) ने नियमों को रिवाइज किया है। नया नियम 16 दिसंबर से लागू हो गया है। नए नियम के अनुसार अब सिर्फ 3-4 दिन में अपना मोबाइल नंबर पोर्ट हो जाएगा।

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मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (Mobile Number Portability) प्रक्रिया के लिए जारी हुई थी नोटिस

आपको बता दें कि भारतीय दूरसंचार सूचना प्राधिकरण (ट्राई) ने संशोधित मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) प्रक्रिया के लिए पिछले दिनों नोटिस जारी किए थे। जिसमें 16 दिसंबर से पोर्टिंग की प्रक्रिया तेज और सुगम हो जाने की बात कही गई थी। एमएनपी (MNP) के तहत कोई उपभोक्ता अपने आपरेटर को बदल सकता है और उसका मोबाइल नंबर कायम रहता है। नई प्रक्रिया विशिष्ट पोर्टिंग कोड (यूपीसी) का निर्माण करने की शर्त के साथ लाई गई है।

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सर्विस क्षेत्र के अंदर 3 दिन में नंबर होगा पोर्ट

तो वहीं नई प्रक्रिया के तहत सेवा क्षेत्र के अंदर यदि कोई पोर्ट उपलब्ध कराने के अनुरोध करता है तो उसे 3 वर्किंग डे में पूरा करना होगा। एक सर्किल से दूसरे सर्किल में पोर्ट के अनुरोध को 5 वर्किंग डे में पूरा करना होगा। ट्राई (Trai) ने स्पष्ट किया है कि कॉरपोरेट मोबाइल कनेक्शनों की पोर्टिंग की समयसीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

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ट्राई का नियम

नई प्रक्रिया के नियम तय करते हुए ट्राई (TRAI) ने कहा कि विभिन्न शर्तों के सकारात्मक अनुमोदन से ही यूपीसी (UPC) का सृजन तय होगा। उदाहरण के लिए पोस्ट पेड मोबाइल कनेक्शन के मामले में, सब्सक्राइबर को सामान्य बिलिंग चक्र के अनुसार जारी किए गए बिलों के लिए मौजूदा दूरसंचार सेवा प्रदाता के लिए ‘बकाया ‘ की मंजूरी सुनिश्चित करनी होगी।

एक अन्य पैरामीटर यह है कि वर्तमान ऑपरेटर के नेटवर्क में सक्रियता 90 दिनों से कम नहीं है। एक तीसरी शर्त यह है कि सब्सक्राइबर के एग्जिट क्लॉज के अनुसार सब्सक्राइबर द्वारा लंबित कोई भी कॉन्ट्रैक्टुअल बाध्यता (एस) पूरी नहीं होनी चाहिए।

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कॉर्पोरेट मोबाइल कनेक्शन के लिए नहीं हुआ है कोई बदलाव

कॉर्पोरेट मोबाइल कनेक्शन के लिए पोर्टिंग समयसीमा में कोई बदलाव नहीं हुआ है। UPC जम्मू और कश्मीर, असम और उत्तर पूर्व इलाकों को छोड़कर सभी लाइसेंस प्राप्त सेवा क्षेत्रों के लिए 4 दिनों के लिए वैध होगी जहां यह 30 दिनों के लिए वैध रहेगा।

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