मोदी सरकार ने 2020-21 के लिए ITR forms में किए कुछ बदलाव, नई कर व्‍यवस्‍था को चुनने का दिया मौका

सरकार ने दिया नई कर व्यवस्था चुनने का मौका

Income Tax Department (आयकर विभाग) ने हाल ही में वित्त वर्ष 2020-21 पर बड़ी सूचना दी है। इस सूचना के अन्तर्गत आयकर रिटर्न (I-T returns) को भरने के लिए विभिन्न तरह के फॉर्म्स को अधिसूचित किया गया है।

इसी के सन्दर्भ में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने बीते बृहस्पतिवार को अपने दिए गए एक बयान में कहा कि कोरोना काल के संकट को ध्यान में रखते हुए करदाताओं के लिए प्रस्तुत चीजों को सुगम बनाने का ध्येय रखते हुए पिछले वर्ष के ITR फॉर्म की तरह ही है उनमें कोई भी महत्वपूर्ण बदलाव नहीं किया गया है।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के अनुसार किए गए कुछ बदलाव

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के अनुसार आयकर कानून, 1961 में संशोधन की वजह से फॉर्म्स में केवल कुछ ही बदलाव किए हैं।

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फॉर्म्स में करदाताओं को नई कर व्यवस्था चुनने का मौका दिया गया है। CBDT (सीबीडीटी) ने ये भी कहा कि पिछले साल की तुलना में इस साल ITR form file करने के तरीके में कोई भी बड़ा बदलाव नहीं किया गया है।PPF को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बड़ा ऐलान

ITR फॉर्म – 1 (सहज) को कौन भर सकता है

ITR फॉर्म -1 को सहज के नाम से जाना जाता है। आईटीआर फॉर्म – 1 उन व्यक्तियों के लिए है जिनकी वार्षिक आय 50 लाख के ऊपर है और खुद के स्वामित्व की गृह संपत्ति हो और फैमिली पेंशन इनकम 5000 के ऊपर हो वही लोग आईटीआर फॉर्म – 1 (ITR form -1) भर सकते हैं।

ITR फॉर्म – 2 को कौन भर सकता है

आईटीआर फॉर्म 2 को वही भर सकते हैं जिनकी आमदनी व्यवसाय पेशे के आलावा अन्य स्रोत से भी आ रही हो।

वह व्यक्ति भर सकते हैं जो खुद की कंपनी चलाते हो या किसी और कंपनी में उनके शेयर मौजूद हो जिनके पास एक से ज्यादा घर है उन्हें भी आइटीआर फॉर्म 2 को भरना है।

आईटीआर फॉर्म -3 (ITR form -3) कौन भर सकता है

ITR फॉर्म -3 वही कर दाता भर सकते हैं जिनकी अपने व्यवसाय के आलावा कहीं और से कमाई ना हो रही हो। अगर आप किसी firm में पार्टनर (Partner) है और आपके बिजनेस या पेशे के अलावा अलग से आमदनी नहीं हो रही है तो आप ITR फॉर्म -3 को भर सकते हैं।PM किसान सम्‍मान निधि योजना लिस्‍ट, स्‍टेटेस और रजिस्‍ट्रेशन की ऑनलाइन प्रक्रिया

आईटीआर फॉर्म -4 (ITR form-4) कौन भर सकता है

सबसे पहले आपको बता दें आईटीआर फॉर्म -4 को सुगम नाम दिया गया है। आईटीआर फॉर्म -4 भरना उन्हीं के लिए जरूरी है जिनकी professional या self employed व्यक्ति की आमदनी सेक्शन 44 ADA के हिसाब से एक वित्त वर्ष में 50 लाख रुपये से ज्यादा नहीं हो। अगर उसकी आमदनी 50 लाख रुपए से ज्यादा है तो वो ITR फॉर्म -4 (सुगम) को नहीं भरेगा।FASTag: अनिवार्यता की तारीख फिर से बढ़ी, आप के हर सवाल का जबाब यहाँ पढ़े

आईटीआर फॉर्म -5 (ITR form-5) कौन भर सकता है

आईटीआर फॉर्म -5 वो ही लोग या संस्था भर सकती है। जिनका खुद का अपना एक फर्म हो या स्थानीय अधिकारी हो सीमित देयता भागीदारी (LLPs), व्यक्ति का संघ (AOPs), (BOIs) के रूप में रजिस्टर्ड करा रखा है।

आईटीआर फॉर्म -6 (ITR form-6) कौन भर सकता है

आईटीआर फॉर्म -6 उन सभी कंपनियों में लिए है जो इनकम टैक्स एक्ट (Income Tax Act) की धारा 11 के तहत छूट का दावा नहीं कर रहे हैं।

आईटीआर फॉर्म -7 (ITR form-7) कौन भर सकता है

आईटीआर फॉर्म -7  व्यवसाय के साथ साथ उन सभी लोगों के लिए है लिए है जिन्हें धारा 139 (4A), 139 (4B), 139 (4C), 139 (4D), 139 (4E), 139(4F) के तहत tax file रिटर्न करना जरूरी हैं।

Conclusion

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT)  के अनुसार आयकर कानून, 1961 में संशोधन की वजह से फॉर्म्स में केवल कुछ ही बदलाव किए हैं।

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